मत्ती 23:33 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान33 तम्हैं झ़रीली दानुईं ज़िहै मणछो, तम्हैं नरके सज़ा का किहअ करै सका बच़ी? Viz kapitolaकुल्वी33 तुसै ज़हरीलै कीड़ै रै शोहरु सांही चापलूस लोको, तुसा नरकै री सज़ा न किंहाँ बच़णा? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम33 हे जरिले सर्पा, होर करैता रे शोहरूओ, तमे नरका रे दण्डा का केहडे बचणे? Viz kapitola |