मत्ती 23:23 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान23 “हे कपटी शास्त्री और फरीसी लोगो, तम्हां लै एछणी बडी भारी खरी! तम्हैं दैआ पदिनै, सुंफो और ज़ीरैओ दसुअ हेस्सअ पर बधाने ज़रूरी गल्ला आसा हेरी दी तम्हैं छ़ाडी। मतलब न्याय, झींण और विश्वास निं तम्हैं करदै। हुअ ता लोल़ी त इहअ कि इना गल्ला बी रहंदै मंदै और तिन्नां बी नांईं छ़ाडदै। Viz kapitolaकुल्वी23 “हे कपटी शास्त्रिओ होर फरीसी लोको हाय सा! तुसा पैंधै; तुसै पदीनै, सौंफ होर ज़ीरै रा दसवाँ हिस्सा ता देआ सी पर बिधाना री ते ज़रूरी गैला तुसै छ़ौड़ी धिनी सी मतलब न्याय, दया, होर बशाह छौड़ी धिना सा। ज़रूरी ऐसा कि तुसै तिन्हां गैला बै भी पूरी केरदै होर तिन्हां बै भी नैंई छ़ौड़दै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम23 हे कपटी शास्त्रीयो होर फरीसीयो! तमा पैंदे हाय! तमे पोदीने, होर सोंफ, होर जीरे रा दसमा अंश जोह दिंदा, पर तमे व्यवस्था री गम्भीर गला मतलब न्याय, होर दया, होर बुशाह छाडू; लोडी, कि याह भी करदे रहंदा पर याह भी नांई छाड़दे। Viz kapitola |