मत्ती 21:42 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान42 ईशू बोलअ तिन्नां लै, “तम्हैं कै कधि पबित्र शास्त्रा दी इहअ निं पहल़अ आथी, ‘ज़हा पात्थरा लै राज़ मिस्त्री इहअ बोलअ, “अह निं किछ़ू कामों आथी”, सह पात्थर बणांअ परमेशरै कूणींए ज़ान? अह हुअ तेऊए मरज़ी दी, और अह आसा म्हारी आछी दी नुआहरी।’ Viz kapitolaकुल्वी42 यीशुऐ तिन्हां बै बोलू, कि “तुसै शास्त्रा रा सौ वचन नी पौढ़ू “ ‘ज़ुण पात्थर घौर बनाणु आल़ै मिस्त्रियै बेकार समझ़ू, सौहै पात्थर कुणै रा पात्थर बणु; ऐण्ढा प्रभुऐ केरू, ज़ो आसरी नज़री न नौखा सा’ Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम42 यीशु तयाबे बोलू, कैह तमे पवित्र शास्त्रा में यह नांई पढू: जूण पाथर राज मिस्त्री नकामअं डाहू, सहे कुणे रअ पाथर होऊ? यह प्रभु री तरफा का होऊ, होर माहरी नजरा में अदभुत साहा। Viz kapitola |