मत्ती 21:40 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान40 “तै ऐबै ज़ांऊं अंगूरे बगिच़ेओ मालक एछणअ ता तिन्नां ठेकै लणै आल़ै ज़िम्मींदारा संघै सोठा कि तेऊ किज़ै करनअ?” Viz kapitolaकुल्वी40 “तुसै कि सोच़ा सी ज़ैबै अँगूरै रै बगीच़ै रा मालक एला, ता तेई तिन्हां ठेकैदारा सैंघै कि केरना?” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम40 एतकी तणी दाखा री बारी रअ मालक इलअ, तेबा त्या किसाने संघे कैह करना? Viz kapitola |