मत्ती 21:33 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान33 “एक होर कथ्या शूणां, एक बारी आसा त एक घर मालक। तेऊ लाअ अंगूरो बगिच़अ और तेता फेर लाऐ बाल़ और मांझ़ै बणांईं अंगूरे रसा लै कोफर और होरी ज़िम्मींदारा का डाहअ सह बगिच़अ ठेकै दी दैई और आप्पू नाठअ परदेसा लै। Viz kapitolaकुल्वी33 “एक होर उदाहरण शुणा, एक ज़मींदार ती। तेइयै एक अँगूरा रा बगीच़ा लाऊ होर तेथा रै चौऊ पासै बाड़ लाऊ। तैबै अँगूरा रा रस खोलणै री तैंईंयैं एक खाच़ कोतू; होर टापरा बणाईया किसाना बै ठेके पैंधै देईया प्रदेशा बै नौठा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम33 एक होर दृष्टान्त शुंणा: एक गृहमालक, जूणी दाखा री बारी लाई, तेतके चहु फेरे बाड लाई, तेता में रसा रअ गाढ़अ कोतू होर गुम्मट बणाऊ, होर किसाना बे तेतका ठेका देई करे प्रदेशा बे नाठअ। Viz kapitola |