मत्ती 18:6 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान6 “ज़ुंण मुंह दी विश्वास करनै आल़ै का पाप कराऊआ तेऊ लै दैणीं परमेशरा सज़ा। च़ाऐ सह मणछ इना लान्हैं ज़िहअ किल्है निं होए। तेऊ लै हणअ त इहअ ठीक कि तेऊए गल़ै बडी टोल्ह बान्हीं करै पाणअ त सह डुघै समुंदरै डबेऊई। Viz kapitolaकुल्वी6 “यीशुऐ भी बोलू, अगर कोई न तुसै पाप करवा सी, ज़ुण मूँ पैंधै बशाह केरा सी, ता परमेश्वरा तुसाबै सख्त सज़ा देणी, भलै सौ मांहणु होछ़ै शोहरू सांही होला, तेइरी तैंईंयैं ऐ भला सा कि एक बड़ा पौट तेई रै गौल़ा न बोनिआ, सौ समुन्द्र न शेटू लोड़ी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम6 पर जोह कोई याह होछे मेंजा का जोह महा में बुशाह करा एकु बै ठोकर दे, तेऊबै भला हुँदा कि बडी चक्की रअ पाट तेऊरे गले लटकाउंदा होर डूघे समुद्र डबोऊदा। Viz kapitola |