मत्ती 18:35 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान35 “ठीक इहअ ई करा तम्हैं बी आपणैं साथी भाई लै आपणैं दिला मना का पाप माफ। ज़ुंण दिला मना का माफ नां करे, ता मेरअ बाप्पू परमेशर ज़ुंण स्वर्गै आसा तेऊ बी करनअ तम्हां संघै इहअ ई।” Viz kapitolaकुल्वी35 “ज़ैबै तैंईंयैं तुसै पूरै मनै आपणै विश्वासी भाई रै अपराध माफ नी केरलै, ता मेरा बापू ज़ो स्वर्गा न सा, तुसा सैंघै भी तैण्ढाऐ केरना।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम35 एउ साबे अगर तमा मेंज़ा का हर एक आपणे बुशाह करने आलअ भाई रे पापा पुरे मना का क्षमा नांई करलअ, तेबा मेरअ स्वर्गीय बापू जोह स्वर्गा में साहा, तमा का भी तेडा ही करना। Viz kapitola |