मत्ती 18:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 “हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि, ज़ै तम्हैं आपणीं ज़िन्दगी नांईं बदल़े और लान्हैं ज़िहै भोल़ै नांईं बणें, तै निं तम्हैं स्वर्ग राज़ा डेऊई सकदै। Viz kapitolaकुल्वी3 “हांऊँ तुसाबै सच़ बोला सा, ज़ैबै तैंईंयैं तुसै ऐई होछ़े शोहरू सांही नी बणलै स्वर्ग राज्य न नी ज़ाई सकदै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम3 होर बोलू, हाऊं तमाबे सच बोला, कि जेबरे तणी तमे मना ना फिराए होर बालका साही ना बणे, तमे स्वर्गा रे राज्य में प्रबेश नांई करी सकते। Viz kapitola |