मत्ती 18:20 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान20 किल्हैकि ज़िधी दूई या चअन ज़ण्हैं मेरै नांओंऐं कठा हआ, तिधी हआ हुंह आप्पू तिन्नां संघै।” Viz kapitolaकुल्वी20 किबैकि ज़ौखै मेरै नाँ न दूई या त्रा मांहणु कठा होआ सी तौखै हांऊँ तिन्हां सैंघै होआ सा।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम20 किबेकी ज़खे दुई या चिण मेरे ना का कट्ठे हुँदा, तखे हाऊं त्याह मेंझे हुँदा। Viz kapitola |