मत्ती 18:16 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान16 ज़ै सह नांईं शुणें, तै निंऊं दूई मणछ आप्पू संघै होर किल्हैकि बधाने साबै लोल़ी हरेक गल्ला दूई या चिई गवाहीए सम्हनै हूई। Viz kapitolaकुल्वी16 अगर सौ नी शुणला ता आपु सैंघै एक-दूई होर मांहणु नेइया ज़ा, किबैकि मूसा रै नियमा रै मुताबक, “हर एक शिकायत दुई या दुई न ज़ादा गुआही सामनै सच़ साबित होणी चेहिऐ।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम16 अगर सह नांई शुणे, तेबा एक या दुई मणश आपु संघे होर नीह, कि हर एक गल दुई या चिण गुआही रे मुँहा का जरुर करनी। Viz kapitola |