मत्ती 15:11 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 ज़ुंण खाखा दी भितरी डेओआ, तेता करै निं मणछा छ़ोत लागदी पर ज़ुंण मणछे मना का बागै निखल़ा, तेता करै लागा तेऊ छ़ोत।” Viz kapitolaकुल्वी11 मांहणु रै मुँहै न ज़ो भीतरा बै ज़ा सा, तेईन तेइबै छ़ोत नी लागदी बल्कि तेइरै मुँहा न निकल़ैदै शब्दा न तेइबै छ़ोत लागा सा।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 जोह मुंहाँ में नाहंदा, सह मणशा अशुद्ध नांई करदा, पर जोह मुँहाँ का निखल़ा सह मणशा अशुद्ध करा। Viz kapitola |