मत्ती 13:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 “धख बेज़अ पल़अ शकरीली ज़िम्मीं दी, तेथ निं तेता खास्सअ माटअ भेटअ, सह बेज़अ निं डुघै माटै दी पल़अ और इहअ करै टिप्पअ सह जाऊअ। Viz kapitolaकुल्वी5 किछ़ बेज़ा रड़खड़ी ज़मीना न पौड़ू माटा नी मिलणै री बजहा सौ बेज़ा छ़ेकै निकता। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 थोडा जेहा बेजा शाफडा री जमीना में पडू ज़खे खासा माटा नांई भेटा सह बेजा छेकअ लागा, किबेकी माटा खासा नांई थी होर धूपा लागी करे सह बेजा झ्लुसू, होर जड़े नांई ढाकणे री बजा का सह शूका। Viz kapitola |