मत्ती 13:32 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान32 आसा ता शाऊईओ दाणअ सोभी बेज़ै का होछ़अ पर ज़ांऊं सह बझ़ा, सह हआ सोभी शाग-पाचा का बडअ। सह बणां इहअ बूट कि सरगे च़ेल्लू-पखीरू बी करा तेते शाण्हटी दी बसेरअ।” Viz kapitolaकुल्वी32 ऐ ज़मीना रै सैभी बेज़ै मौंझ़ै न होछ़ा होआ सा। पर ज़ैबै बेज़ा बाहिया, उगा सा ता सैभी सागपाता न बड़ा होआ सा; ऐ ऐतरा बड़ा बैणा सा कि सर्गा न उड़नू आल़ै च़ीड़ू एथै री शांणी पैंधै रौहा सी।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम32 सह सभी बेजे का होछअ हुँदा पर जेबा बढ़ा तेबा सह सभी शागा का बढ़अ हुँदा; होर एडअ बूटअ हुँदा कि सरगा रे चेलू भी तेऊरी डाली री छाईंटा में बसेरा करी सकता। Viz kapitola |