मत्ती 13:17 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 “किल्हैकि हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि परमेशरे कई गूरै और धर्मीं मणछै बी च़ाहअ कि ज़ुंण गल्ला तम्हैं आझ़ भाल़ा, तिंयां बी भाल़े, पर तिंयां निं भाल़ी सकै, और ज़ुंण गल्ला तम्हैं शूणां, तिंयां बी शुणें पर तिंयां निं शूणीं सकै।” Viz kapitolaकुल्वी17 हांऊँ तुसाबै सच़ बोला सा, बोहू सारै भविष्यवक्तै होर धर्मी लोकै ऐ गैला हेरनी चाही, पर नी हेरी सकै होर शुणनी चाही, पर नी शुणी सकै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 किबेकि हाऊं तमाबे सच बोला कि बहू ज़ेहे भविष्यद्वक्ता होर धर्मी चाहू कि जोह गला तमे हेरा साहा, पर नांई हेरी; होर जोह गला तमे शुणा, पर नांई शुणी। Viz kapitola |