मत्ती 12:50 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान50 किल्हैकि ज़ुंण मेरै स्वर्गै रहणैं आल़ै बाप्पू परमेशरो बैण शूणां और मना तिंयां ई आसा मेरै भाई-बैहणी और आम्मां।” Viz kapitolaकुल्वी50 किबैकि ज़ो कोई मेरै बापू री ज़ो स्वर्गा न सा इच्छा पूरी केरा सी होर तेथा पैंधै च़ला सा सौहै मेरै भाई, बैहण होर आमा सी।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम50 किबेकि जोह कोई मेरे स्वर्गीय बापू री इच्छा में चला, सह मेरअ भाई, होर मेरी बहीण, होर मेरी आमा साहा। Viz kapitola |