मत्ती 12:42 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान42 “दखण देशे राणीं बी लाणअ न्याय हणें धैल़ी एऊ ज़मानें लोगा संघै उझ़ुई करै तिन्नां लै दोश कि सह आई सुलैमाने ज्ञैना शुणदी पृथूईए दुजै बाढा का पर तम्हैं निं आपणअ मन बदल़अ। हेरा, इधी आसा सुलैमाना का बी बडअ। Viz kapitolaकुल्वी42 फैसलै रै रोज़ा न दक्षिणै री राणी ऐई ज़ुगै रै लोका सैंघै खड़ै होईया ऐई जुगै रै लोका पैंधै दोष लाणा किबैकि सौ बड़ै दूर देशा न सुलैमान राज़ा रा उपदेश शुणदी आई ती पर औखै ता सौ सा ज़ो सुलैमान राज़ा न भी बड़ा सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम42 दक्षिणा मे शेबा जागा री राणी न्याय री धियाड़ी एउ जुगा रे लोके संघे उठी करे त्याह दोषी ठहराउंण, किबेकी सह सुलैमाना का ज्ञान शुणने बे धरती रे छोरा का आई; होर हेरा, अखे सह साहा जोह सुलैमाना का बढ़अ साहा। Viz kapitola |