मत्ती 12:41 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान41 “निनबे नगरीए लोगा बी लाणअ न्याय हणें धैल़ी एऊ ज़मानें लोगा लै दोश। किल्हैकि योना गूरे प्रच़ारा शूणीं छ़ाडी तिन्नैं बूराई करनी पर तम्हैं निं आपणअ मन बदल़अ। हेरा, इधी आसा परमेशरे गूर योना का बी बडअ। Viz kapitolaकुल्वी41 फैसलै रै रोज़ा न नीनवै शैहरा रै लोका ऐई जुगै रै लोका सैंघै खड़ै होईया ते दोषी ठहराणै, किबैकि निनवै शैहरै रै लोकै योनै रै उपदेश शुणिया पाप केरनै छ़ौड़ै ती। होर हेरा, औखै ता सौ सा ज़ो योना न भी बड़ा सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम41 नीनवे नगरा रे लोका न्याय री धियाड़ी एउ युगा रे लोके संघे उठी करे त्याह दोषी ठहराउंणे, किबेकि त्याह योना रा प्रचार शुंणी करे मन फेरु; होर हेरा, अखे सह साहा जोह योना का भी बडअ साहा। Viz kapitola |