मत्ती 12:4 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 सह किल्है नाठअ परमेशरे च़ऊंरै दी? और तेऊ किल्है खाई बेदी दी भैंट दैनी दी रोटी? ज़हा रोटी परोहिता का सुआई होर मणछ नां खाई सकदअ त और नां तेऊए साथी खाई सकदै तै? Viz kapitolaकुल्वी4 तेइयै परमेश्वरै रै तोम्बू न ज़ाइआ परमेश्वरा बै च़ढ़ाईदी रोटी खाई होर आपणै सैंघी बै भी धिनी। ज़ैबैकि ऐ मूसै रै बिधाना रै खिलाफ़ ती। इन्हां रोटी बै सिर्फ़ पुरोहित खाई सका ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम4 सह केहड़े परमेश्वरा रे घरे नाठअ, होर आपणे संघी संगे भेंट करी दी रोटी खाई, तेसा रोटी ब्यवस्था रे साबे ना सह खाई सकतअ ना तेऊरे संघी तेसा रोटी व्यवस्था रे सावे सीधी याजका ही खाई सका थी? Viz kapitola |