मत्ती 11:8 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान8 तै तम्हैं किज़ू भाल़ै नाठै तै? भाल़ा, तम्हां का आसा राम्बल़ै करै थोघ ज़ुंण नरम झिकल़ै बान्हां, तिंयां रहा राज़ मैहला दी। Viz kapitolaकुल्वी8 कि तुसै मैंहगै झिकड़ै लाउऐंदै मांहणु हेरदै नौठै दै ती? शुणा, मैंहगै झिकड़ै लाणु आल़ै होर सुख चैना सैंघै रौहणु आल़ै ता मैहला न मिला सी सुनसान ज़ैगा न नैंई। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम8 तेबा तमे कीजी हेरदे नाठे? कैह मेहगे नरम झिकड़े बान्हीं दे मणशा बे? हेरदे, जोह नरम झिकड़े बान्हां, त्याह राज महला मे रहंदा। Viz kapitola |