मत्ती 11:11 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 “हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि ज़ुंण बेटल़ी का ज़ल्मैं दै आसा, तिन्नां मांझ़ै निं युहन्ना डुबकी दैणैं आल़ै का बडअ कोहै आथी। पर ज़ुंण स्वर्ग राज़ा दी होछ़ै का होछ़अ आसा, सह आसा तेऊ का बडअ। Viz kapitolaकुल्वी11 हांऊँ तुसाबै सच़ बोला सा, ज़ेतरै भी मांहणु दुनिया न रौहै सी, बपतिस्मा देणु आल़ै यूहन्ना न बड़ा कोई मांहणु पैदा नी हुआ; तैबै बी स्वर्ग राज्य न होछ़ै न होछ़ा मांहणु भी यूहन्ना न बड़ा सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 हाऊं तमाबे सच बोला कि जोह बेटड़ी का होऊ दे, त्याह मेज़ा का यूहन्ना बपतिस्मा दिहण आले का कोई भी वडअ नांई होऊ, पर जोह स्वर्गा रे राज्य मे होछे का होछअ साहा सह तेऊका भी वडअ साहा। Viz kapitola |