मत्ती 10:32 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान32 “हुंह बोला तम्हां का कि ज़ुंण मुंह मणछे सम्हनै मनें, सह मनणअ मुंह स्वर्गै आपणैं बाप्पू परमेशरे सम्हनै। Viz kapitolaकुल्वी32 ज़ुण बोहू मांहणु सामनै मुँभै मैना सा, तेइबै मूँ बी सौ आपणै स्वर्गीय बापू रै सामनै मनणा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम32 जोह कोई मणशा रे सामने महा मनलअ, सह महा भी आपणे स्वर्गीय बापू रे सामने मनण। Viz kapitola |