मत्ती 10:22 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान22 “मेरै नांओंआं करै हणैं सोभ लोग थारै दुशमण, पर ज़ुंण खिरी तैणीं सबर करे, तेऊओ हणअ उद्धार। Viz kapitolaकुल्वी22 मेरी बजहा न सैभी लोका तुसा सैंघै नफरत केरनी पर ज़ुण आखरी तैंईंयैं धीरज रखला तेइयै मुक्ति पाणी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम22 मेरे ना री बजा का सभी लोका तमे संघे बइर करना, पर जोह अन्त तणी जोह धीरज डालअ तेऊरा उद्धार हूँणा। Viz kapitola |