मत्ती 10:17 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 “पर लोगा का रहै बच़दै। किल्हैकि तिन्नां निंणै तम्हैं माहा सभा दी और आपणीं आराधना सभा दी च़िकणैं तम्हैं कोल़ै करै। Viz kapitolaकुल्वी17 पर लोका न साबधान रौहा, किबैकि तिन्हां तुसै महासभा न खड़ै केरनै होर आपणी आराधनालय न कोड़ै मारनै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 पर मणशा का साबधान रहा, किबेकि त्याह तमे सभा में सौंपणे, होर आपणे प्रार्थना घरा में तमाबे कोड़े बाहंणे। Viz kapitola |