लुका 6:47 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान47 “ज़ुंण मुंह सेटा एछा और मेरी गल्ला शूणीं करै तिन्नां मना, हुंह खोज़ूं तम्हां का कि सह कसा ज़िहअ आसा? Viz kapitolaकुल्वी47 ज़ुण कोई मूँ हागै एज़ा सा होर मेरी गैला बै शुणिया तिन्हां बै मैना सा हांऊँ तुसाबै दस सा कि सौ मांहणु कुणी सांही सा; Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम47 जोह कोई महा सेटा वै इच्छा होर मेरी गला शुणी करे त्याहा मना, Viz kapitola |