लुका 6:32 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान32 “ज़ै तम्हैं आप्पू संघै झ़ूरी डाहणैं आल़ै संघै ई झ़ूरी करे ता तेते कै बड़ाई च़ाल्ली थारी हई? पापी और बूरै लोग बी ता इहअ ई करा। Viz kapitolaकुल्वी32 “अगर तुसै आपु सैंघै झ़ुरी रखणू आल़ै सैंघै झ़ुरी रखा सी ता तुसरी सराऊथि कुणी केरनी, किबैकि पापी लोका भी आपु सैंघै झ़ुरी रखणू आल़ै सैंघै झ़ुरी रखा सी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम32 अगर तमे आपणे प्रेम डाहंण आले संघे प्रेम डाहन्दा? किबेकी पापी भी आपणे प्रेम डाहणे आले संघे प्रेम डाहंदा। तेबा थारी केह बडाई। Viz kapitola |