लुका 3:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 हरेक नाल़ खोहल़ भरनै और सोभ धारा-धारठी पाणीं ढोल़ी गोधै; कुंगल़ी बाता करनी सिधी। ज़ुंण उछ़टअ-निहंटअ आसा सह बणांणी च़कोर बात। Viz kapitolaकुल्वी5 हरेक घाटी भौरूई लोड़ी, होर सैभै ढौग ता धारा निशटी केरिनी, होर ज़ो डैंगा सा सौ सिधा केरिना होर ज़ो उथड़ा-निष्टा सा सौ बराबर केरुआ लोड़ी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 हर एक माडी ज़ागह ठीक करणी होर हर एक पहाड़ जोह उछट साहा सह नेटअ करणअ होर जोह डिगअ साहा सह सीधी करण जोह उछ़टअ नीहटअ साहा सह च़ोऊडअ वणाउणअ। Viz kapitola |