लुका 24:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 तिंयां ज़ांऊं डरी, और पृथूई बाखा मुंह ढोल़ी करै रही ता तिन्नैं दूई दूतै बोलअ, “तम्हैं ज़िऊंदै लोल़ी मूंऐं दै मांझ़ै किल्है आसा लागी दी? (प्रगट की दी गल्ला 1:18; मरकुस 16:5-6) Viz kapitolaकुल्वी5 ते बेटड़ी डौरी, होर ज़मीना धिरै टुँबड़ी मुँडी केरिया खड़ी रौही। तिन्हैं तिन्हां बेटड़ी बै बोलू, “तुसै ज़िन्दै बै मूँऐंदै न किबै तोपदी लागीदी सी? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 जेबा त्याह डरी होर धरती फेरा वै झुकी करे रही; तेबा त्याहे त्याहा का बोलु, तमे जिऊंदे मणशा मुयदे में किबे लोडा? Viz kapitola |