लुका 23:4 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 तेखअ बोलअ पिलातुसै बडै परोहिता और तिधी होरी लोगा लै, “मुखा निं एऊ मणछा दी किछ़ै दोश शुझदअ।” Viz kapitolaकुल्वी4 ऐसा गैला पैंधै पिलातुसै मुख्यपुरोहिते होर राज़ै भीड़ा न खड़ै लोका बै बोलू, “हांऊँ ऐई मांहणु न कोई भी दोष नी हेरदा।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम4 तेबा पिलातुसे प्रधान याजका होर लोका वै बोलू, हाऊं एउ मणशा में किछे दोष नांई पाऊंदअ। Viz kapitola |