लुका 22:71 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान71 तेखअ बोलअ तिन्नैं सोभी, “ऐबै निं हाम्हां कोही गवाहीए ज़रुरत आथी, किल्हैकि हाम्हैं शूणअ आपणैं कानै एऊए मुंहां का।” Viz kapitolaकुल्वी71 तैबै तिन्हैं बोलू, “ऐबै आसाबै गुआही दैणु आल़ै री कि ज़रूरत सा, किबैकि आसै आपु ऐईरै मुँहा न शुणू।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम71 तेबा त्याहे बोलू, एवा हांमा गुआही री कैह जरूरत साहा, किबेकि हांमें आपणे कनेटा का आपे ही शुणू। Viz kapitola |