लुका 22:53 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान53 हुंह ता हर धैल़ै तम्हां संघा मांदरै शिक्षा दैआ त, तेभै किल्है निं हुंह तम्हैं ढाकअ? पर अह आसा थारअ बगत और न्हैरै दी काम करनै आल़ै राख्सो हक।” Viz kapitolaकुल्वी53 तुसै हांऊँ मन्दिरा न किबै नी ढौकु, तौखै ता हांऊँ रोज़ एज़ा ती होर तुसै भी तौखै होआ ती! पर ऐ बौगत तुसरा सा, बल्कि निहारै रै राज्य रा बौगत सा।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम53 जेबा हाऊं देहुरे में रोज तमे संघे थी। तेबा तमे महा वै किछे नांई करू; पर यह थारे वक्ते साहा होर निहारे रा अधिकार साहा। Viz kapitola |