लुका 21:30 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान30 ज़ांऊं तेथ प्लीर एछा, ता तेभै हेरा तम्हैं ज़ाणीं कि बसंते ऋत आसा नेल़। Viz kapitolaकुल्वी30 ज़ैबै तिन्हरै नोंऊँऐं पौचा निकल़ा सी तैबै ता तुसै ज़ाणा सी कि गर्मी रै ध्याड़ै नेड़ सी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम30 जेबा बूट में नई टिरा लागा, तेबा तमे हेरी करे जाणा की गर्मी रे धयाडे नेड आउये। Viz kapitola |