लुका 21:15 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान15 “किल्हैकि मुंह दैणैं तम्हां लै इहै बोल और बुधि कि थारै सोभ बरोधी निं थारअ सम्हनअ करी सकदै और नां रोक्की सकदै। Viz kapitolaकुल्वी15 किबैकि मूँ तुसाबै ऐण्ढी बुद्धि होर समझ़ देणी कि कोई बी बरोधी तुसरी गैला बै नी काटी सकदा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम15 किबेकि हाऊं तमावै, एडा बोला होर बुधि दीणी, की थारे सारे बिरोधी थारे सामने नांई टेकी सकणे Viz kapitola |