लुका 20:28 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान28 “हे गूरू, परमेशरे गूरै मुसा आसा हाम्हां लै इहअ लिखअ द कि, ज़ै कसरअ भाई आपणीं लाल़ी रहंदी बाझ़ी लान्हैं हई मरे, ता तेऊओ दुजअ भाई करै तेसा संघै बैह और आपणैं भाई लै करै लुआद पैईदा। (मूल़ 38:8; बधान 25:5) Viz kapitolaकुल्वी28 “ओ गुरू जी, मूसै आसाबै ऐ विधि दसी, सा कि अगर कोई मांहणु मौरला होर तेइरी लाड़ी ज़िंदी सा पर तेइरी कोई लुआद नी होली ता तेइरा भाई तेसा विधवा सैंघै ब्याह केरिया तेसा सैंघै लुआद पैदा केरला होर पहला बच्च़ा तेइरै भाई रा वारिस होंणा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम28 हे गुरु मूसा हामा वै यह लिखुदा साहा, जेबा कासके भाई विना शोहरू रे मरे होर तेऊरी बेटड़ी रहे, तेबा तेऊरअ भाई तेसा संघे ब्याह करे होर आपणे भाई वे बंश पैदा करे। Viz kapitola |