लुका 2:14 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान14 “स्वर्गै हुअ परमेशरो प्रतप पृथूई दी ज़हा मणछा लै परमेशर खुश आसा, तिन्नां शांती होए।” Viz kapitolaकुल्वी14 “स्वर्गा न परमेश्वरै री महिमा होर परमेश्वर बै खुश केरनु आल़ै, हर कोई बै धौरती पैंधै शान्ति लोड़ी हुई।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम14 स्वर्ग परमेश्वरा री महिमा होर धरती में तया मणशा में जासू कअ सह खुश साहा, शांति हो। Viz kapitola |