लुका 18:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 तैबी आणी एसा बिधबा बेटल़ी मुल्है घाटी, एसरअ फैंसलअ हुअ मुंह ऐबै करनअ, इहअ निं हआ कि अह घल़ी-घल़ी एछी डाहे धैल़ कांग लाई।’” Viz kapitolaकुल्वी5 पर ऐ विधवा मुँभै घड़ी-घड़ियै एज़िया तंग केरा सा, मूँ ऐबै पता लाइया एसरा फैसला केरना ताकि ऐ आगै बै मुँभै तंग नी केरली।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 तेऊकी भी यह बिधवा महा तंग करदी लागीदी साहा, महा एसका न्याय चूकाऊणा कई एडा ना होए की यह लगतार महा सेटा ईछी करे रोज महा तंग करदी रहे। Viz kapitola |