लुका 16:28 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान28 किल्हैकि मेरै आसा पांज़ भाई, तिन्नां का खोज़णीं मुंह ईंयां सारी गल्ला, इहअ निं हआ कि तिंयां बी ऐहा नरके दुख दाह जैंदरी पल़े।’ Viz kapitolaकुल्वी28 किबैकि मेरै पौंज़ भाई सी; हांऊँ च़ाहा सा कि लाज़र तिन्हां हागै ज़ाइआ तिन्हां बै ऐई नरकै रै बारै न समझ़ाला ताकि मौरनै न बाद ते ऐई नरका बै नी लोड़ी आऐ।’ Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम28 किबेकि मेरे पाज भाई साहा, सह त्याह सामने याह गला री गुआही दे, एडा ना हो कि त्याह भी ऐसा दाहू री जागहा में इछे। Viz kapitola |