लुका 13:25 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान25 ज़ांऊं घरे मालका दुआर बंद हेरनअ करी और तम्हैं हणैं बागै खल़्हुऐ दै और लेरा लाई-लाई अरज़ करी दुआरा टोकदै, ‘हे प्रभू, हाम्हां लै बी खोल्ह’, और तेऊ दैणअ इहअ ज़बाब, ‘मुखा निं थोघै कि तम्हैं किधे आसा?’ Viz kapitolaकुल्वी25 एक रोज़ परमेश्वर ज़ो घौरकै मालका सांही सा तेई उठिया दुआर बन्द केरना होर तुसा बाहरै खड़ै होईया दुआर खड़काइया अर्ज़ केरनी, ‘ओ प्रभु जी आसरी तैंईंयैं दुआर खोलात्, तैबै तेई भीतरै न ज़वाब देणा तुसै कौखलै सी हांऊँ तुसाबै नी ज़ाणदा?’ Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम25 जेबा घरा रअ मालक उठी करे दुआर बंद करल़अ होर तमे बागे सब टोकी करे बोले, हे प्रभु, हामा बे दुआर खोल होर सह मीतरा का उतर दिंदा कि हाऊं तमा नांई जाणदअ, तमे कंधा का आयदे। Viz kapitola |