लुका 11:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 हर धैल़ै दै हाम्हां लै बैल़ी-क्लारी ज़ेते हाम्हां ज़रुरत आसा। Viz kapitolaकुल्वी3 आसरी ज़रूरती री हर रोज़की रोटी आसाबै देंदै रौहात्। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम3 महारी धियाडी भरी री रोटी आज हामा वै दे। Viz kapitola |