याकूब 5:17 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 एलियाह बी त हाम्हां ज़िहअ दुख-सुख भुगतणै आल़अ मणछ, और तेऊ की लेरा लाई-लाई प्राथणां कि सरगा का निं पाणीं निं लोल़ी हुअ; और साढै चिई साला तैणीं निं भूमी दी सरग हुअ। (1 राज़ा 17:1) Viz kapitolaकुल्वी17 एलिय्याह भविष्यवाणी केरनु आल़ा बी ता आसा सांही दु:ख भोगी मांहणु ती, होर तेइयै गिड़गिड़ाइया प्रार्थना केरी कि गाश नी एला, होर साढ़ै त्रा बौर्षा तैंईंयैं धौरती पैंधै गाश नी आऊ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 एलिय्याह भी तअ हामा सामणे सुख दुःख भोगी मणश थी; होर तेऊ गिडगिड़ाई करे प्रार्थना करी कि पृथ्वी पर मेंह नांई बरसे होर साढ़े ची साल तणी जमीना में पाणी नांई बरसू। Viz kapitola |