याकूब 5:1 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 हे सेठ मणछो, तम्हैं बी लआ शूणीं, तम्हैं लाआ आपणीं आजू एछणैं आल़ी खरी लै लैल़ा। Viz kapitolaकुल्वी1 हे सेठ लोको शुणा, तुसै आपणै ऐणु आल़ै दु:खा पैंधै च़ीखी-चिखिया रोआ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम1 हे धनबानो, शुणी तअ लौआ तमे आपणे इंहणे आले कलेशा परेदे जोरे -जोरे का लेरे। Viz kapitola |