याकूब 4:14 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान14 पर इहअ निं तम्हां का थोघै आथी की काल्ला किज़ै हणअ? शूणीं ता लआ, थारी ज़िन्दगी आसा थोल़ी ज़ेही, तम्हैं ता भाफा ज़िहै आसा, ज़ुंण थोल़ी घल़ी ता शुझिआ और तेखअ लुका सह बागरी दी। (सैणीं गल्ला 27:1) Viz kapitolaकुल्वी14 होर तुसै ऐ नी ज़ाणदै कि काल कि होंणा, शुणा, तुसरी ज़िन्दगी सा कि? तुसै ता तेई धुँऐ सांही सी, ज़ो थोड़ी देर हेरिया सा फिरी राहिया सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम14 पर याह नांई ज़णदे कि काला कैह हुणा। काला तअ लौआ, थारा जीबन साहा ही कैह? तमे तअ जाह रे बराबर साह, जोह थोड़ी देरी तणी हेरदा होर तेहुकी गोझदा। Viz kapitola |