याकूब 2:4 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 तै इहअ करै कै तम्हैं आप्पू मांझ़ै भेदभाब निं किअ? या बूरै बच़ारा करै न्याय करनै आल़ै निं हुऐ? Viz kapitolaकुल्वी4 कि तुसै आपु न भेदभाव नी केरू होर बुरै विचारै न्याय केरनु आल़ै नी ठहरै? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम4 तेबा कैह तमे आपु में फर्क नांई करू होर बुरे बिचार कअ न्याय करणे आले नांई होई? Viz kapitola |