याकूब 2:2 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 थारी सभा दी ज़ै कुंण मणछ सुन्नें मुंदल़ी बान्हीं और नऊंऐं झिकल़ै बान्हीं दी एछे और कुंण गरीब मणछ बी एछे पराणैं झिकल़ै बान्हीं करै थारी सभा दी, Viz kapitolaकुल्वी2 उदाहरणा री तैंईंयैं अगर एक मर्द सुनै रै गुठी होर शोभलै मैंहगै झिकड़ै लाइया तुसरी सभा न एला होर एक गरीब बी मैलै कुचैलै झिकड़ै लाइया तुसरी मण्डली न एला, Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 किवेकि अगर एक मणश सूने री मुन्दडी होर शोभले झिकड़े बानही करे थारे प्रार्थना घरा में इच्छे, होर एक कंगल भी मईले झिखडे बान्ही करे इच्छे, Viz kapitola |