याकूब 1:17 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 किल्हैकि हरेक शोभलअ बरदान और हरेक शुचअ दान एछा म्हारै बाप्पू परमेशरा का ज़ुंणी सरगे सोभै प्रैशै दैणैं आल़ै तारै बणांऐं। सह निं बदल़दअ और नां फेर फिरी करै छ़ैल्ली ज़िहअ एछदअ डेऊंदअ रहंदअ। परमेशर आसा हर बगत भलअ। Viz kapitolaकुल्वी17 किबैकि हर एक खरा वरदान होर हर एक खरा दान परमेश्वरा धिरै न मिला सा, ज़ुणियै हर किस्मै री सर्गा री ज्योति बणाई, ज़ुणीन न ता कोई बदलाव होई सकदा होर न सर्गा री ज्योति सांही अदला बदलै री बजहा न तेथा पैंधै कोई निहारा पौड़ा सा, परमेश्वर हमेशा एकै सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 किवेकि हर एक शोभला बरदान होर हर एक उतम दान उझे परमेशवरा का ही साह होर ज्योति रे बापू री तरफा का ही भेटदा, जासु में नांई तअ कोई बदलाब होई सकदा, होर ना अदल-बदली री बजा का तेता पेन्दे छांईट पडदा। Viz kapitola |