याकूब 1:10 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 ज़ुंण विश्वासी सेठ आसा तिंयां बी रहै खुश किल्हैकि परमेशरै निं तम्हैं घमंडी डाहै। संसारे सेठ मणछे ज़िन्दगी हणीं घाहे फूला ज़ेही खतम। Viz kapitolaकुल्वी10 होर ज़ो विश्वासी सेठ सी, तिन्हां बै खुश होंणा चेहिऐ किबैकि परमेश्वरै तै घमण्डी नी रखै; पर दुनिया रै सेठ मांहणु री ज़िन्दगी गाह रै फूला सांही शुकणा, Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 होर धनबान आपणी नींच दशा पेन्दे; किवेकि सह घाऊ रे खिला साही खत्म हूंणअ। Viz kapitola |