इब्रानी 9:26 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान26 ज़ै इहअ ज़रूरी हंदअ ता संसारे मूल़ का ओर्ही लागणअ त मसीहा कई बारी आपणअ बल़ीदान करनअ। पर एभै एऊ जुगे हुअ खिरी सह प्रगट ताकि आपणअ बल़ीदान दैई करै एकी ई बारी सह सोभिए पाप दूर करी सके। Viz kapitolaकुल्वी26 अगर ज़रूरी हुआ होंदा ता दुनिया रै शुरूआती न मसीह बै बार-बार मौरना पौड़ना। पर ऐबै एकी बार आखरी न सौ बलि रै रूपा न आपणी मौऊती न पापा बै दूर केरनै री तैंईंयैं ऐई ज़ुगै न प्रगट हुआ सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम26 नांई तअ संसारा री उत्पति का लई करे तेऊ भी-भी दुख चुआकणा पड़ा; पर एबा युगा रे अन्ता में सह एक ही बारी प्रकट होऊ, कि आपणे ही बलिदाना रे साबे पापा दूर करे। Viz kapitola |