इब्रानी 5:14 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान14 पर सैणैं लै आसा रोटी, ज़सरी ज्ञैन इंद्री भलै और बूरै दी भेद समझ़णा लै पाक्की हई करै भैस्सुई आसा गई दी। Viz kapitolaकुल्वी14 नाज़ तिन्हां लोका री तैंईंयैं सा ज़ो बशाह न पक्के सी होर ज़ो महसूस केरिया सही होर गलता बै पछ़ियाणनै न सयाणै होआ सी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम14 पर नाझ सेणे बे साहा, ज़ासकी ज्ञानांईद्री अभ्यास करदे-करदे भले बुरे में भेद करणे में महाहीर होई दी साहा। Viz kapitola |