इब्रानी 5:12 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान12 तम्हैं आसा खास्सी साला ओर्ही विश्वासी, तेते साबै ता लोल़ी तै तम्हैं होरी सखाऊंणै आल़ै हुऐ, तैबी कै अह ज़रूरी आसा कि कोई तम्हां लै परमेशरे शुरूआती शिक्षा दबारी सखाऊऐ? और तम्हैं हुऐ इहै लान्हैं ज़िहै कि तम्हां लोल़ी रोटीए बदल़ै अज़ी बी दुध ई। Viz kapitolaकुल्वी12 सच़िऐ ऐई बौगतै मुताबक ता तुसाबै गुरू होंणा चेहिऐ। पर तुसाबै ता हाज़ी तैंईंयैं ऐण्ढै मांहणु री ज़रूरत सा ज़ो तुसाबै नोंऊँऐं तरीकै न परमेश्वरा री शिक्षा री शुरूआती री गैला सिखाऐ। तुसाबै ता हाज़ी दूध ही लोड़ी नाज़ नैंई। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम12 वक्ता रे बचारा का तेबा तमें गुरु होई लोड़ी थी, तेबा भी यह जरूरी होऊ कि तमा परमेश्वरा रे वचना रा ज्ञान, आदि री शिक्षा भी सखाए। तमे तअ एडे होई कि तमा नाज़ा रे बदले एबा तणी दूध ही लोड़ी। Viz kapitola |