इब्रानी 13:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 थारअ सभाब निं ज़ैदातो मांण करनै आल़अ लोल़ी हुअ। ज़ुंण तम्हां का आसा तेता ई दी रहा खुश। किल्हैकि परमेशरै आसा आप्पै इहअ बोलअ द, (भज़न 37:25; बधान 31:8; यहोशू 1:5) “मुंह निं तम्हैं कधि कल्ही शोटणै और हुंह निं तम्हां लै दैणअ कधि बिसरदअ।” Viz kapitolaकुल्वी5 आपणी ज़िन्दगी बै धना रै लालचा न मुक्त रखा होर ज़ो किछ़ तुसा हागै सा, तुसै तेईन सन्तुष्ट रौहा, किबैकि परमेश्वरै आपु बोलू सा, “मूँ तुसै कैधी नी छ़ौड़नै होर न कैधी त्यागणै।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 थारा स्बभाब लालची ना हो, होर जोह तमा सेटा साहा तभी परेदे सन्तोष करा, किबेकि तेऊ आपे ही बोलू दा साहा, महा तूह कधी नांई छाढ़नअं, होर नाह कधी तूह त्याहगणअं। Viz kapitola |