इब्रानी 13:14 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान14 किल्हैकि एऊ संसारै निं हाम्हां का इहअ घर आथी ज़ुंण सदा लै रहणअ। पर हाम्हैं आसा तेऊ सदा रहणैं आल़ै घरा न्हैल़ै-भाल़ै लागै दै ज़ुंण हाम्हां आजू भेटणअ। Viz kapitolaकुल्वी14 किबैकि ऐ दुनिया आसरा हमेशा रौहणु आल़ा घौर नी ऑथि, बल्कि आसै एक ऐणु आल़ै नगरै री खोजा न सी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम14 किबेकि अखे महारअ कोई स्थाई नगर नांई, पर हामे एकु ईहंणे आले नगरा री खोज़ा में साहा। Viz kapitola |